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लोकार्पण सम्पन्न

हरीदास व्यास
जोधपुर। जोधपुर के चन्ध्-इन सभागार में कला, संस्कृति और शिक्षा विमर्श के लिए प्रतिब= मंच ’सृजना‘ द्वारा रचनाकार बसंती पंवार रचित पुस्तकों ’नाक का सवाल‘ ;हिन्दी व्यंग्य संग्रहद्ध और ’जोवूं एक विश्वास‘ ;राजस्थानी काव्य संग्रहद्ध के लोकार्पण समारोह का आयोजन सम्पन्न हुआ।
लीक से हटकर रोचक भाषा में सृजित इन पुस्तकों के विमोचन समारोह के मुख्य अतिथि व्यंग्यकार, कथाकार और स्तम्भकार बुलाकी शर्मा थे। उन्होंने कहा कि लेखक की रचनात्मक जिार् उनके लेखन को श्रेष्ठ बनाती हैं। व्यंग्य संग्रह ’नाक का सवाल‘ में समाज के सभी तबकों को टटोला गया है। ये व्यंग्य समाज की विसंगतियों को उजागर करने का साहसिक और मौलिक प्रयास है।
कार्यर्मै के विशिष्ट अतिथि आलोचक और कवि रमाकांत शर्मा ने बसंती पंवार के सृजन पर बोलते हुए कहा कि उनकी प्रस्तुत रचनाओं में परम्परा की झलक के साथ आधुनिकता का बोध मिलता है। समारोह में अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए वरिष्ठ रचनाकार और सृजना की अध्यक्ष सुषमा चौहान ने कहा कि लेखिका के मन की कुलबुलाहट उनकी रचनाओं में नजर आती है। इन रचनाओं में भारतीय स्त्री का न केवल सामाजिक बल्कि मानसिक-संघर्ष भी कौशल के साथ अभिव्यक्त हुआ है।
विमोचित पुस्तकों के चुनिंदा अंश का पठन करते हुए लेखिका बसंत पंवार ने अपनी रचना प्रर्याक साझा की। ’शमशान घाट की सैल्फी‘ के साथ ’फीलिंग सैड‘ जैसे स्टेटस के उल्लेख के साथ उन्होंने समाज के बदलते रूप को चित्रित करने वाली रचनाओं और कुछ चुनिंदा राजस्थानी कविताऐ भी पेश की। बसंती पंवार के रचनाकर्म एवं कृतियों पर पत्रवाचन चोद कौर जोशी एवं वाजद हसन काजी ने किया।
स्वागत उद्बोधन के साथ सृजना संस्था के सचिव हरीदास व्यास ने बताया कि राजस्थानी की पहली उपन्यासकार बसंती पंवार के पूर्व में ’गौगन‘ और ’एडो क्य?‘ नामक दो राजस्थानी उपन्यास, एक हिन्दी कविता संग्रह ’कब आया बसंत‘, राजस्थानी कहानी संग्रह ’नुवौ सूरज‘, दो बाल साहित्य की राजस्थानी में पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। लोकार्पण कार्यर्म का संचालन शाइद मुजाहिर सुल्तान जई ने किया।
प्रस्तुति : हरीदास व्यास