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साहित्यिक समाचार

सुख्यात दर्शन अध्येता अम्बिकादत्त शर्मा को
शंकर फैलोशिप
मध्यप्रदेश के संस्कृति विभाग के अन्तर्गत गठित आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास ने वर्ष 2021-2023 की प्रतिष्ठित शंकर फैलोशिप समकालीन दर्शन और ज्ञानपटल के महत्त्वपूर्ण अध्येता श्री अम्बिकादत्त शर्मा को देने की घोषणा की है। मध्यप्रदेश के प्रमुख संस्कृति सचिव शेखर शुक्ला ने बताया कि इस फैलोशिप के दौरान श्री शर्मा शंकराचार्य का अद्वैत वेदान्त : सर्वाभौमिक एकत्व का संदेश विषय पर अपना शोध कार्य करेंगे।
- डेस्क मधुमती

इक्कीसवीं सदी और कोरोनाकाल में राजस्थानी साहित्य ऑनलाईन गोष्ठी का सफल अयोजन
बीकानेर। मैं विगत तीन वर्षों से यहाँ लंदन में राजस्थानी, हिंदी और संस्कृत भाषा शिक्षण कार्यों के दौरान यह महसूस करती रही हूँ कि प्रवासियों में अपने देश और भाषा को लेकर बहुत उत्साह है। ये विचार राजस्थानी विदुषी इंदु बारौठ ने अंतरराष्ट्रीय राजस्थानी समाज संस्था द्वारा आयोजित इक्कीसवीं सदी और कोरोनाकाल में राजस्थानी साहित्य विषयक पहली ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय गोष्ठी में व्यक्त किए। इंदु ने कहा कि राजस्थानी के आधुनिक साहित्य में वैश्विक स्तर पर होने वाले बदलावों की अनुगूँज को देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर होने वाले राजस्थानी साहित्य के विभिन्न कार्यों को अंतरराष्ट्रीय राजस्थानी समाज द्वारा रेखांकित करना बहुत महत्त्वपूर्ण और अभिनव कार्य है।
ऑनलाइन विमर्श में साहित्य अकादेमी नई दिल्ली के राजस्थानी भाषा परामर्श मंडल के संयोजन पत्रकार लेखक मधु आचार्य आशावादी ने कहा कि कोरोना काल में मैंने नवीन कृतियों का सृजन किया है, वहीं समकालीन राजस्थानी साहित्य को पढते हुए मुझे लगता रहा है कि राजस्थानी साहित्य भारत की अन्य भाषाओं से किसी भी अर्थ में कमतर नहीं है।
कहानीकार-व्यंग्यकार बुलाकी शर्मा ने चर्चा में कहा कि कोराना काल में उन्होंने अनेक नए व्यंग्य और अन्य रचनाएँ लिखीं हैं। उन्होंने बताया कि नए व्यंग्य संग्रह में हम देख सकते हैं कि समाज में किस प्रकार की विद्रूपताएँ अब भी घर किए हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय राजस्थानी समाज के संयोजक और आलोचक-कवि डॉ. नीरज दइया ने बातचीत में भाग लेते हुए कहा कि राजस्थानी साहित्य में आलोचनात्मक अध्ययनों द्वारा अनेक आयामों को उद्घाटित किया जा रहा है।
- नीरज दइया

स्वयं प्रकाश स्मृति सम्मान के लिए प्रविष्टियाँ आमंत्रित
दिल्ली, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में कार्यरत संस्थान स्वयं प्रकाश न्यास ने सुप्रसिद्ध साहित्यकार स्वयं प्रकाश की स्मृति में दिए जाने वाले वार्षिक सम्मान के लिए प्रविष्टियाँ आमंत्रित की हैं। न्यास के अध्यक्ष प्रो. मोहन श्रोत्रिय ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर के इस सम्मान में क्रमशः कहानी, उपन्यास और नाटक विधा की किसी ऐसी कृति को दिया जाएगा, जो सम्मान के वर्ष से अधिकतम छह वर्ष पूर्व प्रकाशित हुई हो। 2021 के सम्मान के लिए 1 जनवरी 2015 से 31 दिसंबर 2020 के मध्य प्रकाशित पुस्तकों पर विचार किया जाएगा। इस वर्ष यह सम्मान कहानी विधा के लिए दिया जाएगा।
सम्मान के लिए तीन निर्णायकों की एक समिति बनाई गई है जो प्राप्त प्रस्तावों पर विचार कर किसी एक कृति का चुनाव करेगी। सम्मान में ग्यारह हजार रुपये, प्रशस्ति पत्र और शॉल भेंट किए जाएँगे।
प्रो श्रोत्रिय ने बताया कि मूलतः राजस्थान के अजमेर निवासी स्वयं प्रकाश हिंदी कथा साहित्य के क्षेत्र में मौलिक योगदान के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने ढाई सौ के आसपास कहानियाँ लिखीं और उनके पाँच उपन्यास भी प्रकाशित हुए थे। इनके अतिरिक्त नाटक, रेखाचित्र, संस्मरण, निबंध और बाल साहित्य में भी अपने अवदान के लिए स्वयं प्रकाश को हिंदी संसार में जाना जाता है। 20 जनवरी 1947 को जन्मे स्वयं प्रकाश का निधन कैंसर के कारण 7 दिसम्बर 2019 को हो गया था।
प्रो श्रोत्रिय ने बताया कि युवा आलोचक डॉ. पल्लव को स्वयं प्रकाश स्मृति सम्मान का संयोजक बनाया गया है, वे इस सम्मान से सम्बंधित समस्त कार्रवाई का संयोजन करेंगे। सम्मान के लिए प्रविष्टियाँ डॉ. पल्लव को 30 जुलाई 2021 तक 393, डीडीए, ब्लॉक सी एंड डी, शालीमार बाग, दिल्ली -110088, पर भिजवाई जा सकेगी।
-प्रो मोहन श्रोत्रिय
जनकवि केदारनाथ अग्रवाल सम्मान कवि कौशल किशोर को
हिन्दी पत्रिका मुक्तिचक्र एवं जनवादी लेखक मंच, बाँदा के संयुक्त तत्वाधान में बाबू केदारनाथ अग्रवाल की स्मृति में प्रतिवर्ष दिया जाने वाला सम्मान जनकवि केदारनाथ अग्रवाल सम्मान 2021 वरिष्ठ कवि कौशल किशोर को दिया जाना सुनिश्चित हुआ है। यह निर्णय केदार सम्मान समिति की आनलाइन बैठक में लिया गया। इससे पूर्व यह सम्मान वरिष्ठ कवि शम्भु बादल और सुधीर सक्सेना को प्रदत्त किया जा चुका है। वर्ष 2020 का सम्मान वरिष्ठ कवि विजय सिंह को दिया जाना घोषित हुआ था। लेकिन कोरोना महामारी के कारण सम्मान समारोह का आयोजन नहीं हो सका। अतः स्थिति समान्य होते ही विजय सिंह (2020) और कौशल किशोर (2021) को बाँदा में भव्य आयोजन में सम्मानित किया जाएगा ।
- प्रद्युम्न कुमार सिंह