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साहित्यिक परिदृश्य

हिन्दवी का शुभारंभ
hindwi.org: 600 हिंदी कवि, 11,000 कविताएँ... बस एक क्लिक दूर
नई दिल्ली, 1,200 वर्षों की हिंदी कविता के प्रतिनिधि स्वरूप को एक साथ एकत्र करने के उद्देश्य से रेख्ता फाउंडेशन की नई पहल हिन्दवी का डिजिटल उद्घाटन 31 जुलाई को नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने किया। आदिकाल से लेकर आधुनिक काल तक की हिंदी कविता से चुने गए 600 कवियों और उनकी 11,000 कविताओं के साथ हिन्दवी ने हिंदी कविता को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करने की कोशिश की है। उर्दू शाइरी और अदब के सबसे प्रामाणिक और विशाल खजाने rekhta.org के बाद hindwi.org रेख्ता फाउंडेशन का नया उपक्रम है, जहाँ हिंदी कविता अपने सारे कालों (आदिकाल, भक्तिकाल, रीतिकाल, आधुनिक काल), अपनी सारी परिघटनाओं, उत्तेजनाओं, आंदोलनों और विमर्शों के साथ मौजूद है। इसके अतिरिक्त हिन्दवी पर 500 से अधिक ई-पुस्तकें और 250 वीडियो भी उपलब्ध हैं। इसमें निरंतर बढोतरी जारी रहेगी। इसके साथ एक आकर्षण कविता में आए शब्दों के अर्थ को कविता-पाठ के समय ही पा लेने का भी है। इसके लिए एक व्यवस्थित शब्दकोश को भी खास हिन्दवी के लिए तैयार किया गया है।
‘हिन्दवी’ के डिजिटल शुभारंभ में कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि साहित्यकार अजर-अमर होते हैं। आज के साहित्यकार हिन्दवी के माध्यम से न केवल साहित्य में बल्कि समाज में भी संवेदना और करुणा का विकास-विस्तार करेंगे। हिन्दवी के लोकार्पण के बाद प्रसिद्ध कवि-आलोचक और संस्कृतिकर्मी अशोक वाजपेयी और मशहूर कवि-लेखक राजेश जोशी के साथ कविता की जगह विषय पर एक परिचर्चा भी रखी गई। इस परिचर्चा का संचालन नई पीढी कि सुपरिचित हिंदी कवयित्री मोनिका कुमार ने किया। इस परिचर्चा में अशोक वाजपेयी ने कहा कि आज का युग भूलने का युग है, हम सब कुछ भूलते जा रहे हैं। ऐसे में वह उम्मीद करते हैं कि हिन्दवी भूलने के विरुद्ध एक कार्रवाई बनेगी। क्योंकि साहित्य का काम याद दिलाना है। उन्होंने प्रेमचंद के बाद के हिंदी साहित्य को साधारण मनुष्य की महिमा का साहित्य बताया। वहीं राजेश जोशी ने भी हिन्दवी को शुभकामनाएँ देते हुए प्रेमचंद को याद किया। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई समय और समाज हो ही नहीं सकता जो कविताविहीन हो। इस अवसर पर हिंदी सिनेमा और कला जगत के लोकप्रिय कलाकार रघुबीरयादव, दिव्या दत्ता, स्वानंद किरकिरे, मानव कौल, रजत कपूर और लुबना सलीम और अन्य हस्तियों कुछ प्रसिद्ध हिंदी कविताओं का पाठ भी किया। इस समारोह का लाइव प्रसारण हिन्दवी के फेसबुक पेज https://www.facebook.com/HindwiOfficial/live/ और रेख्ता [www.rekhta.org] के सभी सोशल मीडिया हैंडल पर किया गया।

श्री चुन्नीलाल सोमानी राजस्थानी कथा-पुरस्कार हेतु कृतियाँ आमंत्रित

सत्र 2020 के श्री चुन्नीलाल सोमानी राजस्थानी कथा-पुरस्कार के लिए राजस्थानी कहानी संग्रह आमंत्रित किए गए हैं। यह पुरस्कार सन 2015 से सन 2019 के मध्य प्रकाशित श्रेष्ठ राजस्थानी कहानी संग्रह पर प्रदान किया जाएगा। इनलैंड सोमानी फांऊडेशन-कोलकाता द्वारा प्रवर्तित इस पुरस्कार के तहत इकतीस हजार रुपये की राशि,शॉल-श्रीफल तथा सम्मान-पत्र समर्पित किया जाएगा। यह पुरस्कार प्रतिवर्ष श्रीडूँगरगढ में एक भव्य समारोह आयोजित कर तीन निर्णायकों द्वारा संस्तुत एक श्रेष्ठ राजस्थानी कहानी संग्रह पर दिया जाएगा।
पुरस्कार समिति के संयोजक डॉ चेतन स्वामी के अनुसार पुरस्कार के लिए कथाकार को अपनी कृति की चार प्रतियाँ-संयोजक-श्री चुन्नीलाल सोमानी राजस्थानी कथा-पुरस्कार समिति-आडसर बास-श्रीडूँगरगढ (बीकानेर) के पते पर भेजनी होगी। पुरस्कार में कृति भेजने की अंतिम तिथि -31 अगस्त 2020 है। पुरस्कार समिति के अन्तर्गत लक्ष्मीनारायण सोमानी, रतन सोमानी, ताराचंद इन्दौरिया, श्याम सोमानी, डॉ चेतन स्वामी, श्रीमती चंदू सोमानी तथा बजरंग शर्मा हैं। पुरस्कार समोरह संभवतः नवम्बर में आयोजित किया जाएगा।
- रवि पुरोहित