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पाँच कविताएँ

राहुल झाम्ब
लौटना-1

एक दिन मैं ऐसे लौट आया
के वापिस जाते जाना, फिर
लौट आना, नियति हो गोया
हर बार मुडा, वापसी में
लौट आने को
हर बार बिखरा-बना
भरभरा कर ढह जाने को
किसी दिन तो टूटेगा तिलिस्म
किसी दिन तो रात आखिरी होगी
किसी दिन तो मंजलें तमाम होंगी
किसी दिन तो कोई कहीं नहीं जायेगा
न लौटने की कोई सूरत होगी


लौटना-2

जब भटकते लौटोगे तुम
अपने बियाबां के तीरथ से
लेते आना मेरे लिये -

- उन सब परबतों के कंकड
खुब कर तुम्हारे नर्म तलुओं में हुई जिनकी
‘उफ’ ज*ब तुम्हारी कोमल मुस्कान में

- उन सब रास्तों की धूप
जला कर जिसमें सूखने दिया तुमने
अपने दुर्खम के फफोलों को

- उन सब चादरों के कुछ फूल
फैला दिया जिन्हें तुमने मजारों पर
तान कर सर-से-सर-जोड झुकी गर्दनों के ऊपर

जब भी भटकते लौटोगे तुम
अपने बियाबां के तीरथ से
लेते आना मेरे लिये
उन सब नदियों का पानी
विसर्जित किये जिसमें तुमने
अपनी वेदना के मौन आँसू


लौटना- 3

पुरानी तस्वीरों में दर्द फुगाँ कर लो
बर्बाद रिश्तों की याद को हवा दो
बो लिया बैर, जिन्होंने कर लिया इरादा
भूल कर भी तुम्हें मुआफ न करने का
एक आह उनके जिक्र की भी उठा लो
इक नजर देख लो उनको जो हुए फना
बिता कर समय में तुम्हारे, अपना समय
देकर तस्वीर में तुम्हें भूलता-सा अपना चेहरा
धुँधला दो सब डबडबाती स्मृतियाँ, जब
घुमडने लगें साये, टूटने दो दिल की नसें
रिसते लहू से जिस्म तर-ब-तर कर लो
खोल दो अपनी मुट्ठी, फैला दो हथेलियाँ
जब सब कुछ बिसरने लगे सपने-सा
चटकने दो तागों को, उडने दो गुब्बारे
छोड दो अपने हाल पर दुनिया
और लौट आओ

लौटना-4

सख्त पथरीले होते होंगे
आखिरी रास्ते शायद
शैलकर्तित मंदिरों की पुरातन गंध लिए, जैसे
पितरों की अदृश्य हिफाजत, फिसलते
पहाडों की चिकनी ढलान पर, सँभलते
हाथों से पकड गर्म कंटीली कठोर जमीं, चढते
तपती साँसों में महाकालीन गुफाओं तक उँचे, चलते
मकबरों के सपाट चबूतरों पर बेआवाज, बैठते
घाट की ठंडी लंबी सीढियों पर
उठना हो मानो सब कुछ यहीं बिसार के
लौट जाओ पितरों
कृष्ण पक्ष में, पितृ दोष शापित
लौट रहे सदा, हम सब

गमनागमन

जमा था, पडा.
हिमनद
पिघल गया

बिखरा, पारा पारा.
झरना
गिर पडा
उफनता, सिमटा.
धारा
बह चला
मिला, खारा खारा.
दरिया
भाप उडा

गूँथा, भटका.
बादल
बरस गया

प्रेम.
जल.
जीवन.


*शैलकर्तित= प्राकृतिक विशाल शिलाओं को काट कर गढे गये, महाकालीन= महाकाल (शिव) की प्रतिमाओं को समर्पित; प्राचीन*

सम्पर्क : एच-806, पूर्वा सिजन्स,
कग्गदासपुरा, मेन रोड, सी.वी.रमन नगर,
बंगलूरू, कर्नाटक-५६००९३
मो. ९१६४७५२८७०