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मधुमती -सितम्बर 2020

विनोबा : अनूठे अनुभव का आनन्द लेखक : ब्रजरतन जोशी
इब्राहीम अल्काजी का रंगमंचीय संसार लेखक : देवेन्द्र राज अंकुर
कुँवर नारायण : एक तीसरा इतिहास भी है लेखक : पुष्पेन्द्र कुमार
श्रद्धांजलि : आचार्य मुकुन्द लाठ लेखक : पीयूष दईया
मुकुन्द लाठ का दार्शनिक अवदान लेखक : कमलनयन
भावन : भारतीय कला दृष्टि की विरल व्यंजना लेखक : राजेश कुमार व्यास
भरे-पूरे जीवन का वैभव लेखक : चंद्रकुमार
दार्शनिक कवि और चित्रकार : मुकुंद लाठ (मूल : शैल मायाराम) लेखक : ज्योतिका एलहेंस
सभा अधूरी है..... लेखक : श्रीलाल मोहता
वे हमारे बीच हैं न लेखक : ओम थानवी
कुँवर नारायण का काव्य दर्शन लेखक : मंगलम कुमार रस्तोगी
नामवर नामवर है क्या कहना! लेखक : छबिल कुमार मेहेर
संरचनात्मक साकल्यवाद बनाम निर्वैयक्तिकतावाद लेखक : कृष्ण बिहारी पाठक
आभासी यथार्थ और यथार्थ के मध्य साहित्यिक पत्रकारिता लेखक : सुनीता अवस्थी
मेरे सर्वेश्वर लेखक : भानु भारती
अस्पताल के दिन लेखक : उदयन वाजपेयी
एक्सरे लेखक : मदन गोपाल लढा
नुक्ताचीं! लेखक : सुधांशु गुप्त
तीन कविताएँ लेखक : राजेन्द्र उपाध्याय
कविताएँ लेखक : देवेश पथ सारिया
अपने समय का अंतर्पाठ करती कविताएँ लेखक : उमाशंकर चौधरी
हिंदी सिनेमा का विवेचनात्मक कोलाज है सिनेमागोई लेखक : गोपाल सिंह चौहान
साहित्यिक परिदृश्य