हिंदी दिवस पर उदयपुर में साहित्यिक आयोजनों की श्रृंखला, हिंदी के विविध आयामों पर हुआ व्यापक विमर्श

वैश्विक हिंदी विचार गोष्ठी में हिंदी के व्यापक स्वरूप पर चर्चा

राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर एवं युगधारा साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं वैचारिक मंच के संयुक्त तत्वावधान में 8 सितंबर 2026 को अकादमी पुस्तकालय भवन में ‘वैश्विक हिंदी विचार गोष्ठी’ आयोजित हुई। कार्यक्रम में हिंदी के वैश्विक स्वरूप और वर्तमान परिदृश्य पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता संचय जैन, संपादक ‘अणुव्रत एवं बच्चों का देश’, ने की। मुख्य अतिथि डॉ. मलय पानेरी, अधिष्ठाता, ज.रा.ना. राजस्थान विद्यापीठ, उदयपुर रहे। विशिष्ट वार्ताकारों में डॉ. चन्द्रकांता बंसल, पूर्व प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय एवं संपादक-मधुमती, तथा डॉ. श्रीकृष्ण जुगनू, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक एवं वरिष्ठ साहित्यकार, शामिल रहे।

इस अवसर पर डॉ. विद्या पालीवाल, उदयपुर तथा श्री बंशीलाल लढ़ा, कपासन को हिंदी सेवी सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बसंत सिंह सोलंकी, सचिव, राजस्थान साहित्य अकादमी; डॉ. ज्योतिपुंज, संस्थापक, युगधारा; प्रकाश तातेड, अध्यक्ष, युगधारा तथा श्याम मठपाल, महासचिव, युगधारा सहित अन्य साहित्यप्रेमियों की सहभागिता रही।

हिंदी काव्य गोष्ठी में रचनाकारों ने प्रस्तुत कीं काव्य रचनाएं

हिंदी सप्ताह के अंतर्गत 7 सितंबर 2026 को राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर एवं युगधारा के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी काव्य गोष्ठी आयोजित की गई। अकादमी पुस्तकालय भवन परिसर में हुए इस आयोजन में साहित्यकारों एवं रचनाकारों ने हिंदी कविता के विभिन्न स्वरूपों और समकालीन सरोकारों को अपनी रचनाओं के माध्यम से अभिव्यक्त किया।

डीग में हुआ अखिल भारतीय कवि सम्मेलन

12 सितंबर 2026 को श्री हिंदी पुस्तकालय समिति, डीग के शताब्दी वर्ष समारोह में हिंदी पखवाड़ा-2026 के अंतर्गत राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर के सौजन्य से अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित हुआ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री सुरेशचन्द्र गुप्ता, पूर्व प्राचार्य, कॉलेज शिक्षा ने की। मुख्य अतिथि डॉ. बसंत सिंह सोलंकी, सचिव, राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. हरेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व संयुक्त निदेशक, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार रहे।

कवि सम्मेलन में नरेश निर्भीक (कोटा), बलराम श्रीवास्तव (मैनपुरी), दीपक पारीक (भीलवाड़ा), प्रहलाद चाण्डक (जयपुर), निष्ठा चौधरी (आगरा) तथा सुरेंद्र सार्थक (डीग) ने काव्य पाठ किया। आयोजन में मानसिंह यादव, अध्यक्ष, श्री हिंदी पुस्तकालय समिति, डीग; कृष्ण कुमार मुद्गल, प्रधानमंत्री, श्री हिंदी पुस्तकालय समिति, डीग तथा सुरेंद्र सार्थक, साहित्य मंत्री एवं कार्यक्रम संयोजक की भूमिका रही।

इसके पश्चात 13 सितंबर को पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया, जिसमें हिंदी पखवाड़ा-2026 के अंतर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया।

हिंदी दिवस पर विद्या भवन में विशेष कार्यक्रम

14 सितंबर 2026 को राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर एवं हिंदी विभाग, विद्या भवन रूरल इंस्टिट्यूट, उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी दिवस कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. कनिका शर्मा ने की। मुख्य वक्ता डॉ. बाल गोपाल शर्मा, मुख्य अतिथि डॉ. राजेंद्र भट्ट, तथा विशिष्ट अतिथियों के रूप में डॉ. किरण असनानी एवं श्री सोनेश भाटिया उपस्थित रहे। कार्यक्रम में हिंदी भाषा के महत्व, साहित्यिक अभिव्यक्ति तथा विद्यार्थियों की रचनात्मक सहभागिता पर विचार रखे गए। कार्यक्रम के निवेदक डॉ. बसंत सिंह सोलंकी, सचिव, राजस्थान साहित्य अकादमी तथा डॉ. सरस्वती जोशी, अध्यक्ष, हिंदी विभाग रहीं।

हिंदी दिवस समारोह में व्याख्यान एवं कविता पाठ

15 सितंबर 2026 को राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर एवं नवकृति संस्था, उदयपुर की संयुक्त सहभागिता में हिंदी दिवस समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में व्याख्यान एवं कविता पाठ हुआ।

मुख्य अतिथि डॉ. लक्ष्मी नारायण नन्दवाना, व्यंग्यकार एवं पूर्व सचिव, राजस्थान साहित्य अकादमी रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. आशीष सिसोदिया, प्रोफेसर, हिंदी विभाग, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय ने की। वक्ता डॉ. हुसैनी बोहरा, प्रोफेसर, हिंदी विभाग, बी.एन. विश्वविद्यालय रहे तथा संचालन डॉ. अमृता बोकेड़िया ने किया। आयोजन में राजस्थान साहित्य अकादमी के सचिव डॉ. बसंत सिंह सोलंकी, नवकृति के कार्यकारी अध्यक्ष रामदयाल मेहरा तथा महासचिव इकबाल हुसैन इकबाल की सहभागिता रही।

मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में हिंदी सप्ताह का समापन

मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर के हिंदी विभाग एवं राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में 22 सितंबर 2026 को ‘हिंदी भाषा : भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति और राष्ट्रीय एकता की संवाहक’ विषय पर संगोष्ठी एवं हिंदी सप्ताह समापन समारोह आयोजित किया गया।

उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि प्रो. कैलाश डागा, माननीय कुलगुरु, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर रहे। मुख्य वक्ता प्रो. मलय पानेरी, अधिष्ठाता, भ्रमणजीवी महाविद्यालय, जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ, उदयपुर रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. नीरज शर्मा, अधिष्ठाता, विश्वविद्यालय सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी महाविद्यालय, उदयपुर ने की।

विशिष्ट अतिथि डॉ. बसंत सिंह सोलंकी, सचिव, राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर रहे तथा डॉ. नवीन नंदवाना, अध्यक्ष, हिंदी विभाग, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय ने स्वागत उद्बोधन एवं विषय प्रवर्तन किया। समारोह में हिंदी सप्ताह के दौरान आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।

हिंदी को भारतीय ज्ञान परंपरा और राष्ट्रीय एकता से जोड़ते हुए हुआ विचार-विमर्श

समापन समारोह के विचार सत्र की अध्यक्षता डॉ. श्रीकृष्ण जुगनू, विख्यात साहित्यकार एवं भारत विद्याविद् ने की। वक्ताओं में प्रो. प्रीति भट्ट, हिंदी विभाग, राजकीय मीरा कन्या महाविद्यालय, उदयपुर; डॉ. नीतू परिहार, हिंदी विभाग, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर तथा डॉ. आशीष सिसोदिया, हिंदी विभाग, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर शामिल रहे।

विचार सत्र में दिलीप बेनीवाल एवं पुष्पा पुनिया द्वारा प्रपत्र वाचन किया गया। वक्ताओं ने हिंदी के ऐतिहासिक विकास, भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति तथा राष्ट्रीय एकता में भाषा की भूमिका पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. श्रीकृष्ण जुगनू ने हिंदी के ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित किया

कार्यक्रम में वरिष्ठ इतिहासकार एवं साहित्यकार डॉ. श्रीकृष्ण जुगनू ने हिंदी को अर्थवान, आवश्यकता की भाषा, आत्मसात की भाषा तथा वैज्ञानिक भाषा के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को देवनागरी, नंदीनागरी आदि लिपियों से परिचित कराया और हिंदी के विकास में मेवाड़ के योगदान पर प्रकाश डाला।

उन्होंने सूरदास के पदों के संकलन में उदयपुर के कृष्णानंद जी के योगदान का उल्लेख करते हुए सूरसागर की परंपरा से विद्यार्थियों को परिचित कराया। बिहारी, रहीम सहित हिंदी के प्रमुख कवियों के उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को हिंदी साहित्य की समृद्ध परंपरा से जोड़ने का प्रयास किया।

राजस्थान साहित्य अकादमी के सचिव डॉ. बसंत सिंह सोलंकी ने राष्ट्र की उन्नति में हिंदी भाषा की भूमिका पर विचार रखते हुए विद्यार्थियों को लेखन एवं साहित्यिक अभिव्यक्ति के विभिन्न स्रोतों की जानकारी दी।

आशु भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा

हिंदी सप्ताह के अंतर्गत आयोजित आशु भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर तत्काल अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में लक्षिता श्रीमाली प्रथम, नित्या पालीवाल द्वितीय तथा सुहानी पालीवाल तृतीय स्थान पर रहीं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. कनिका शर्मा ने की। उन्होंने विद्यार्थियों को साहित्यिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। राजस्थान साहित्य अकादमी से पधारे श्री राजेश मेहता ने प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया तथा कार्यक्रम का संचालन डॉ. निर्मला शर्मा ने किया।

काव्य पाठ सत्र में अनेक रचनाकारों ने दी प्रस्तुतियां

22 सितंबर को आयोजित काव्य पाठ सत्र में आशा पाण्डेय ओझा ‘आशा’, सुभाष अग्रवाल, संजय गुप्ता ‘देवेश’, सुनीता निमिष सिंह, कुसुम भारद्वाज, डॉ. सरस्वती जोशी, डॉ. निर्मला शर्मा, विजय मारू, स्वाति शकुंत, दीपिका स्वर्णकार, अर्चना चावला तथा डॉ. वीरमाराम पटेल ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।

काव्य पाठ के माध्यम से हिंदी साहित्य की विविध विधाओं, सामाजिक सरोकारों और मानवीय संवेदनाओं को अभिव्यक्ति मिली।

आयोजन मंडल ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

पूरे आयोजन की व्यवस्थाओं में डॉ. नवीन नंदवाना, अध्यक्ष, हिंदी विभाग, को संयोजक तथा डॉ. बसंत सिंह सोलंकी, सचिव, राजस्थान साहित्य अकादमी को समन्वयक की जिम्मेदारी दी गई। सह संयोजकों के रूप में डॉ. नीतू परिहार, डॉ. आशीष सिसोदिया तथा डॉ. नीता त्रिवेदी ने दायित्व निभाया।

साहित्यिक गतिविधियों को निरंतर जारी रखने का आह्वान

कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों और साहित्यप्रेमियों को हिंदी के पठन-पाठन, लेखन, कविता, वक्तृत्व एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति से जोड़ने का प्रयास किया गया। हिंदी सप्ताह के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों ने विद्यार्थियों को मंच प्रदान करने के साथ-साथ साहित्यकारों, शिक्षाविदों और युवा रचनाकारों के बीच संवाद का अवसर भी उपलब्ध कराया।

मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग की अध्यक्ष डॉ. सरस्वती जोशी के अनुसार हिंदी सप्ताह के आगामी आयोजनों में विचार अभिव्यक्ति, कविता पाठ प्रतियोगिता एवं व्याख्यान जैसी गतिविधियों को भी स्थान दिया गया। इन कार्यक्रमों में अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. बाल गोपाल शर्मा, डॉ. राजेंद्र भट्ट एवं प्रो. कनिका शर्मा का मार्गदर्शन विद्यार्थियों को प्राप्त हुआ।

समूची आयोजन श्रृंखला में राजस्थान साहित्य अकादमी के सचिव डॉ. बसंत सिंह सोलंकी, हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. सरस्वती जोशी, डॉ. नवीन नंदवाना, डॉ. नीतू परिहार, डॉ. आशीष सिसोदिया, डॉ. नीता त्रिवेदी सहित अनेक साहित्यकारों, शिक्षकों एवं रचनाकारों की सक्रिय सहभागिता रही।

हिंदी दिवस-2026 के अवसर पर आयोजित इन कार्यक्रमों ने हिंदी को भाषा, साहित्य, संस्कृति, ज्ञान और संवाद के व्यापक माध्यम के रूप में सामने रखा तथा विद्यार्थियों और साहित्यप्रेमियों को हिंदी के अध्ययन एवं सृजन से निरंतर जुड़े रहने का संदेश दिया।