दो लघुकथाएँ

दिनेश चन्द्र शर्मा


स्मार्ट बेटी
‘‘तुम दो जुडवाँ बहनें एक के हाथ में नीला दूसरी के हाथ में पीला रिब्बन बाँध दिया। हाऊ स्मार्ट योअर पेरेन्टस?’’ सुनीता ने आगे कहा, ‘‘इससे उन्हें यह पता लगाने में आसानी रहे कि किसने शैतानी की।’’
मीता उसकी बात ध्यान से सुनती रही।
जब भी कक्षा में उधम मचाने का काम होता मीता आगे रहती थी। रीता चुपचाप सब देखती। घर में भी शैतानी, छीना-झपटी का काम मीता
ही करती
‘‘सुनीता! जब से मैं समझने लगी घर या स्कूल में मार या डॉट हर बार रीता ही खाती है।’’
मीता बोली अब सहेली के मुस्कुराने की बारी थी। ?
जांच कमेटी
संयंत्र में एक पम्प टूट गया। इस वजह से संयंत्र बन्द करना पडा। जाँच कमेटी बनाई गई।
कमेटी जाँच के लिए आई। कार्यालय में छुट्टी आवेदन डालने के लिए एक डिब्बा जिस पर ताला लगा था। दो दिन पहले ही रखा गया। उसका ताला गायब मिला।
कमेटी के लिए तो अच्छा अवसर था उस ताले की जाँच होने लगी। चार घंटे की पूछताछ हुई।
पम्प की जाँच अगले दिन के लिए टल गई। ?
ब्लाक ५०/२९५-२८६, भारी पानी कॉलोनी, रावतभाटा-३२३३०७