तीन गीत

कमला देवडा


इमलियां !
पत्तों से
हँस रहीं इमलियां!
घुँघरु-सी,
बज रहीं इमलियां!
सनन-सनन
चल रहीं हवाएँ!
टप-टप-टप,
झर रहीं इमलियां!
सबके मुँह से
लार टपकती,
जादू-सा,
कर रहीं इमलियां!
जी में आए
उतनी खाओ,
हम-सब से
कह रहीं इमलियां! ?
लग गए बोझा ढोने!
करके बी.ए. पास,
गधेजी!
सबसे लगे अकडने,
गाँव छोडकर
मुंबई भागे,
फिल्मी ‘हीरो’ बनने!
किंतु कही भी
दाल न गली,
लगे बहुत पछताने,
‘हीरो’ बनने के
चक्कर में,
लग गए बोझा ढोने ! ?
थाने की कर लो सैर!
टिन्नु के घर
चोरी करने
आए थे कुछ चोर!
टिन्नु दादा!
जाग रहे थे
लगे मचाने शौर!
लगे भागने
चोर सभी फिर
सिर पर रखकर पैर,
टिन्नु बोला,
रुको-रुको
थाने की करलो सैर ! ?
मालीखेडी मार्ग, तराना, उज्जैन-४५६६६५ (म.प्र.)
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