बाल जगत

सुनील कुमार पाराशर ‘सरल’



दो गीत
जय-जय मेरे हिन्दुस्तान
बिल्ली ढोल बजाती भारी।
कर रहे सब रण की तैयारी
चूहों को रणभेरी भाई
शेरों को तलवार थमाई
सब मिल करके गाते गान
जय-जय मेरे हिन्दुस्तान।।
भालू सबका जोश जगाते।
चिडियों को झट-पट बुलबाते
मेंढक टर्र-टर्र टर्राते
मन में नहीं जरा घबराते
नहीं घटे तेरा सम्मान
जय-जय मेरे हिन्दुस्तान।।
चींटी लम्बी लाइन लगाती।
एक सीध में बढती जाती
कोयल मीठी तान सुनाती
सोई देशभक्ति जग जाती
तोता रटे राम का नाम
जय-जय मेरे हिन्दुस्तान।।
बन्दर उछल-उछल कर डोले।
खौं-खौं करता मुख से बोले
हार नहीं अपने मन मानो
अपनी ताकत को पहचानो
बढे चलो तुम वीर जवान
जय-जय मेरे हिन्दुस्तान।।
अब आई चूहों की बारी।
कर रखी रण की तैयारी
मन उत्साह हो रहा था भारी
चूक ना जाए अब ये बारी
बढी रहे भारत की शान
जय-जय मरे हिन्दुस्तान।।
देशभक्ति-गीत
मन मन्दिर में पूजा तेरी चहुँ दिशि फैला नाम है।
और ना कोई नाम है मेरे लब पे हिन्दुस्तान है।।
वीरों ने परचम लहराया तेरा देश-विदेश में।
कोई तो पैदा हुए बलि को कोई संतों के भेष में
हँसके फाँसी झूल गए जो मेरा उन्हें सलाम है और...
भारत की पावन धरती पर हिलमिल कर सब रहते हैं।
हिन्दु-मुस्लिम-सिक्ख-ईसाई वन्दे मात्रम कहते हैं
जन-गण-मन के मधुर तराने गाते सुबहो-शाम है।। और...
जहाँ शंकर ने गरल पिया था जनहित खूब निभाने को।
झूँठे बेर राम ने खाए प्रेम का पंथ दिखाने को
हो रही घर-घर राम कृष्ण की पूजा आठौं याम है।।और...
भूल न जाना बलिदानों को साँस बचे तब तक कहना।
हिन्दुस्तान हमारा है और रक्षा में तत्पर रहना
रक्षा हेतु प्राण भी देना हर हिन्दों का काम है।।और...
आओ भारतवासी मिलकर दृढ संकल्प सभी करलें।
हरीशचन्द्र की भाँति अहिंसा सत्य हृदय में हम धरलैं
शरणाणत की रक्षा करना ये अपनी पहचान है।। और... ?
दरीबा मोहल्ला, राजा बच्चू सिंह मार्ग, डीग, जिला भरतपुर (राज.)-३२१२०३
मो. ९८२८३४३८७९