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मधुमती -जुलाई - 2019

सृजन और भाषाबोध लेखक : ब्रजरतन जोशी
मुक्तिबोध की कविता ’ब्रह्मराक्षस‘ : शब्दों के सहारे लेखक : शिवकिशोर तिवाडी
गाँधी : किसके राष्ट्रपिता लेखक : सुधीर चन्द्र
नामवर सिंह : हशमत की निगाह में लेखक : हेतु भारद्वाज
रणजीत : पार्टीशाही से बगावत करता एक ’कामरेड‘ कवि लेखक : नवलकिशोर
अज्ञेय, असाध्य वीणा और अर्थान्वेषी आलोचना लेखक : डॉ. छबील कुमार मेहेर
केदारनाथ सिंह की कविता ’गाँव आने पर‘ : एक अवलोकन लेखक : अभिषेक सौरभ
प्रेमचन्द और राष्ट्रवाद लेखक : नीरज
स्वयंप्रकाश का कहानी संसार लेखक : गौरव भारती
दो बोल मोहब्बत के लेखक : हरदर्शन सहगल
आसमाँ और भी हैं.... लेखक : सुदेश बत्रा
आज का आदमी लेखक : फूलचन्द मानव
छह कविताएँ लेखक : अरुण देव
तीन कविताएँ लेखक : गोविन्द माथुर
दस कविताएँ लेखक : ओम नागर
छह कविताएँ लेखक : शिवराज छंगाणी
चार कविताएँ लेखक : उमेश कुमार चौरसिया
दो कविताएँ लेखक : अर्चना भटनागर
याद आते हैं मटियानी लेखक : प्रकाश मनु
पद्मिनी लेखक : नीरज दइया
विपुलता, विविधता और सूक्ष्मता का संगम लेखक : डॉ. सुचित्रा कश्यप
लोक और जीवन की जुगलबन्दी लेखक : हरीश बी. शर्मा
हाशिये के जीवन की व्यथा-कथा : कामाख्या और अन्य कहानियाँ लेखक : माधव नागदा
आज का सत्य ’आलू का तला‘ है लेखक : यशोधन शुक्ल ’अल्पेश‘
साहित्यिक परिदृश्य