आपकी सूचना के अधिकार के लिए

1.    लोक प्राधिकरण का नाम :     श्री वेद व्यास
       (क) पद नाम     :                अध्यक्ष राजस्थान साहित्य अकादमी
       (ख) पता  :                      सेक्टर 04, हिरण मगरी, उदयपुर (राज.) 313002
       (ग) दूरभाष :                      0294-2466371, 9414054400

2.    लोक सूचना अधिकारी का नाम :   डॉ. प्रमोद भट्ट
       (क)  पद नाम :                 सचिव
       (ख)  पता    :                   राजस्थान साहित्य अकादमी, सेक्टर नं 4, हिरन मगरी उदयपुर (राज.)- 313002
       (ग)  दूरभाष  :                  0294-2461717

3.    आवेदन शुल्क प्रार्थना पत्र के साथ : रु. 10/- (दस रुपये)

4.    अभिलेखों के निरीक्षण के लिए :    प्रथम घ्ंटे-कोई फीस नहीं अतिरिक्त प्रत्येक 15  मीनिट या उसके भाग के लिए रु. 5/-(पांच रुपये)

5.    प्रतिलिपि (ए-4 या ए-3 आकार में): रु. 2/- (दो रुपये) प्रति पृष्ठ

6.    प्रतिलिपि (बडे आकार के पृष्ठ) :   वास्तविक प्रभार अथवा लागत कीमत

7.    सैम्पल या मॉडल के लिए :        वास्तविक लागत कीमत

8.    डिस्क या फलोपी के लिए :        रु. 50/-(पचास रुपये) प्रति फलोपी या डिस्क

9.    मुदि्रत सूचनाओं के लिए :         नियत मूल्य या प्रकाशन के उद्धरणों की प्रति पृष्ठ फोटो के लिए रु. 2/- (दो रुपये)
नोट :- शुल्क राशि -नकद/बैंक ड्राफट/भारतीय पोस्टल ऑडर के रूप में करायी जा सकती है।

 

राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 4(1)(ख) के अन्तर्गत सूचना

क्र.सं. धारा 4 (1)(ख) के बिन्दु अनुपालना/विवरण
1 अपने संगठन की विशिष्टियां, कृत्य और कर्त्तव्य राजस्थान प्रदेश में हिन्दी भाषा, साहित्य और संस्कृति का विकास एवं संवर्धन
2 अपने अधिकारियों और कर्मचारियों की शक्तियां और कर्त्तव्य *अकादमी संविधान के अनुच्छेद संख्या 7 के अनुसार अकादमी के अधिकारी हैं- अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष व सचिव। 
*अकादमी संविधान के अनुच्छेद संख्या 8 (ख) के अनुसार अध्यक्ष अकादमी का प्रधान है और अकादमी के समस्त प्राधिकरणों तथा उसकी समस्त समितियों का पदेन अध्यक्ष है। 
*अकादमी संविधान के अनुच्छेद संख्या 11 के अनुसार सचिव अकादमी का प्रधान कार्यकारी अधिकारी है जिसकी नियुक्ति राज्य सरकार द्वारा की जाती है तथा वह सरस्वती सभा, संचालिका, वित्त समिति और अन्य स्थायी एवं अस्थायी समितियों के पदेन सचिव हैं। 
3 विनिश्चय करने की प्रक्रिया में पालन की जाने वाली प्रक्रिया जिसमें पर्यवेक्षण और उत्तरदायित्व के माध्यम सम्मिलित है।  सरस्वती सभा एवं संचालिका सभा द्वारा संचालन।
4 अपने कृत्यों के निर्वहन के लिए स्वयं द्वारा स्थापित मापमान सरस्वती सभा, संचालिका के निर्णयों और लक्ष्यों का क्रियान्वयन।
5 अपने द्वारा अपने नियंत्र्णाधीन धारित या अपने कर्मचारियों द्वारा अपने कृत्यों के निर्वहन के लिए प्रयोग किए गए नियम, विनियम, अनुदेश, निर्देशिका और अभिलेख राजस्थान सेवा नियम (आर.एस.आर.) और अकादमी संविधान एवं अकादमी नियमावली।
6 ऐसे दस्तावेजों के जो उसके द्वारा धारित या उसके नियंत्र्णाधीन है, प्रवर्गों का विवरण सरस्वती सभा एवं संचालिका सभा की बैठकों के कार्यवाही विवरण
7 किसी व्यवस्था की विशिष्टियां जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के सम्बन्ध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान है। अकादमी में सूचना अधिकारी की नियुक्ति, नाम, पता
8 ऐसे बोर्डो, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भागरूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डो, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठक जनता के लिए खुली होगी या ऐसी बैठकों केकार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी विवरण।  सरस्वती सभा व संचालिका सभा का कार्यवाही विवरण सूचना के अधिकार अधिनियमों के अन्तर्गत अवलोकन हेतु उपलब्ध। 
9 अपने अधिकारियों और कर्मचारियों की निर्देशिका राजस्थान सेवा नियम।
10 अपने प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी द्वारा प्राप्त मासिक पारिश्रमिक, जिसके अन्तर्गत प्रतिकार की प्रणाली भी है जो उसके विनियमों में यथा उपबंधित हो।  राजस्थान सेवा नियमों के अनुसार।
11 सभी योजनाओं, प्रस्तावित व्ययों और किए संवितरणों पर रिपोर्टों की विशिष्टियां, उपदर्शित करते हुए अपने प्रत्येक अभिकरण को आवंटित बजट सरस्वती सभा, संचालिका सभा तथा वित्त समिति द्वारा स्वीकृत बजट विवरण के अनुसार ।
12 सहायिकी कार्यक्रमों के निष्पादन की रीति जिसमें आवंटित राशि और ऐसे कार्यक्रमों के फायदाग्रहियों के ब्यौरे सम्मिलित हैं।  -
13 अपने द्वारा अनुदत्त रियायतों, अनुज्ञापत्रें या प्राधिकारों के प्राप्तिकर्ताओं की विशिष्टयां -
14 किसी इलेक्ट्रोनिक रूप से सूचना के सम्बन्ध में ब्यौरे जो उसको उपलब्ध हो या उसके धारित हो।  अकादमी की वेबसाइट www.rsaudr.org
15 सूचना अभिप्राप्त करने के लिए नागरिकों को उपलब्ध सुविधाओं की विशिष्टयां जिनमें किसी पुस्तकालय या वाचन कक्ष के यदि लोक उपयोग के लिए अनुरक्षित है तो, कार्यकरण घंटे सम्मिलित हैं।  राज्य सरकार द्वारा निर्धारित कार्यदिवस एवं समय। 
16 लोक सूचना अधिकारियों के नाम, पदनाम और अन्य विशिष्टयां  डॉ. प्रमोद भट्ट, सचिव, राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर, दूरभाष ः 0294 2461717
17 ऐसी अन्य सूचना जो विहित की जाए, प्रकाशित करेगा और तत्पश्चात् इन प्रकाशनों को प्रत्येक वर्ष में अद्यतन करेगा। हाँ
 
राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर

(अ)   सूचना के अधिकार अधिनियम की धारा 4 (1) (ख) की संलग्न प्रति के अनुसार सूचना के अधिकारी की उक्त धारा के अन्तर्गत की गई कार्यवाही की सूचना -

1 -   राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर का संविधान राजस्थान सरकार के पत्र क्र. एफ 18(2)शिक्षा/4/82(ग्रुप-3) दिनांक 17.03.83 से अनुमोदित है।
2 -   संस्था का नाम - राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर
3 -   प्रास्थिति -  अकादमी एक स्वायत्तशासी निकाय है और राजस्थान राज्य में साहित्य की प्रोन्नति के लिए कार्य कर रही है।
4 -   मुख्यालय - राजस्थान साहित्य अकादमी का मुख्यालय उदयपुर में है।

5 -   उद्देश्य एवं कृत्य :

1.    राजस्थान में हिन्दी साहित्य की अभिवृद्धि के लिए प्रयत्न करना।
2.    राजस्थान के हिन्दी भाषा के साहित्यकारों और विद्वानों में पारस्परिक सहयोग की अभिवृद्धि के लिए प्रयत्न करना।
3.    संस्थाओं और व्यक्तियों को हिन्दी साहित्य से संबंधित उच्च स्तरीय ग्रन्थों, पत्र-पत्रिकाओं, कोश, विश्वकोष, आधारभूत शब्दावली, ग्रन्थ निर्देशिका, सर्वेक्षण व सूचीकरण आदि के सृजन व प्रकाशन में सहायता देना तथा स्वयं भी इनके प्रकाशन की व्यवस्था करना।
4.    भारतीय भाषाओं में एवं विश्वभाषाओं में उत्कृष्ट साहित्य का अनुवाद करना तथा ऐसे अनुवाद कार्य को प्रोत्साहित करना या सहयोग देना।
5.    साहित्यिक सम्मेलन, विचार-संगोष्ठियों, परिसंवादों, सृजनतीर्थ, रचना पाठ, लेखक शिविर, प्रदर्शनियां, अन्तर प्रादेशिक साहित्यकार बंधुत्व यात्राएं, भाषणमाला, कवि सम्मेलन एवं हिन्दी साहित्य के प्रचार-प्रसार की अन्य योजनाओं आदि की व्यवस्था करना तथा तद्निमित्त आर्थिक सहयोग देना।
6.    राजस्थान के साहित्यकारों को उनकी हिन्दी साहित्य की उत्कृष्ट रचनाओं के लिए सम्मानित करना।
7.    हिन्दी साहित्य से संबंधित सृजन, अनुवाद, साहित्यिक शोध व आलोचनापरक अध्ययन संबंधी प्रकल्प, भाषा वैज्ञानिक एवं साहित्यिक सर्वेक्षण, लोक साहित्य संग्रह तथा ऐसे ही प्रकल्पों के लिए राजस्थान की संस्थाओं तथा व्यक्तियों को वित्तीय सहयोग देना तथा स्वयं भी ऐसे प्रकल्पों को निष्पन्न करना।
8.    राजस्थान के हिन्दी के साहित्यकारों को वित्तीय सहायता, शोधवृत्तियां आदि देना।
9.    अकादमी पुस्तकालय, वाचनालय तथा अध्ययन एवं विचार-विमर्श केन्द्र स्थापित करना और इस प्रवृत्ति के विकास के लिए राजस्थान की हिन्दी संस्थाओं को वित्तीय सहयोग देना।
10.   ऐसे अन्य कार्य करना जो अकादमी के उद्देश्यों को आगे बढाने के लिए आवश्यक समझे जावें चाहे वे उपरोक्त कृत्यों में हो या न हों।

6 -   अकादमी के पदाधिकारी :
        अध्यक्ष
        उपाध्यक्ष
        कोषाध्यक्ष
        सचिव
7-    रजिस्ट्रीकरण प्रमाण - पत्र : क्रमांक : 71/1962-63 सोसायटीज एक्ट के अन्तर्गत किया गया है।

8-    अध्यक्ष -    
(क)   अकादमी अध्यक्ष की नियुक्ति राज्य सरकार द्वारा की जाती है और उसका कार्यकाल तीन वर्ष होता है।
(ख)   अध्यक्ष की शक्तियाँ और कृत्य - अध्यक्ष अकादमी का प्रधान है, और अकादमी के समस्त प्राधिकरणों तथा उसकी समस्त समितियों का पदेन अध्यक्ष होता है। सरस्वती सभा, संचालिका और संविधान या अकादमी के नियमों विनियमों के अधीन नियुक्त समस्त अन्य समितियों  की बैठकों में अध्यक्षता करता है। अकादमी के समुचित कार्यकरण के लिए उत्तरदायी है और उसका सम्पूर्ण प्रभारी है।
9 -   उपाध्यक्ष -   अध्यक्ष की अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष अध्यक्ष के दायित्वों को सम्पन्न करता है।
10 -  कोषाध्यक्ष - 
(क)   कोषाध्यक्ष सरस्वती सभा द्वारा नियुक्त किया जाता है। सरस्वती सभा का सदस्य न होने की दशा में भी वह कोषाध्यक्ष का पद धारण करने के कारण सरस्वती सभा और संचालिका का पदेन सदस्य होता है। कोषाध्यक्ष का स्थान रिक्त होने की दशा में संचालिका शेष अवधि के लिए किसी भी व्यक्ति को कोषाध्यक्ष नियुक्त करती है जिसकी स्वीकृति सरस्वती सभा की आगामी बैठक में ली जाती है।
सरस्वती सभा किसी भी व्यक्ति जिसे किसी सरकारी या अर्द्धसरकारी विभाग, संस्था या व्यावसायिक प्रतिष्ठान  में कम से कम दस वर्ष का लेखा संबंधी कार्य का अनुभव न हो अथवा चार्टर्ड एकाउन्टेंट या अन्य इसी प्रकार की मान्य एवं विशिष्ट योग्यता नहीं रखता हो, कोषाध्यक्ष के रूप में नियुक्त नहीं करती है।
(ख)   कोषाध्यक्ष की शक्तियाँ और कृत्य -
1 -   अकादमी संचालिका के नियंत्रण के अध्यधीन रहते हुए अकादमी की सम्पत्ति और विनियोजनों का प्रबंध करता है।
2 -   लेखों का वार्षिक विवरण तैयार करवाने और संचालिका तथा सरस्वती सभा के समक्ष प्रस्तुत करने/कराने के लिए उत्तरदायी होता है।
3 -   संचालिका की शक्तियों के अध्ययधीन रहते हुए ऐसी धनराशियों के उन प्रयोजनों के लिए उत्तरदायी होता है जिन प्रयोजनों के लिए वे अनुदत्त या आवंटित हों।
4 -   ऐसी अन्य शक्तियों का प्रयोग और ऐसे कृत्य करना जो उसके संचालिका द्वारा सुपुर्द किए जाते हैं।
11 -  सचिव  -
(क)   सचिव अकादमी का प्रधान कार्यकारी अधिकारी होता है जिसकी नियुक्ति राज्य सरकार द्वारा की जाती है।
(ख)   सचिव की शक्तियाँ और कार्य -
(क)   वह सरस्वती सभा, संचालिका, वित्त समिति और समस्त अन्य स्थायी एवं अस्थायी समितियों का पदेन सचिव होता है और उस पद के लिए तद्विषयक आवश्यक सभी कार्य करता है।
(ख)   अध्यक्ष के निर्देशन के अध्यधीन रहते हुए सचिव के निम्नलिखित कर्त्तव्य होते हैं -  
1-    अकादमी के अभिलेख और ऐसी अन्य सम्पत्ति की अभिरक्षा के लिए उत्तरदायी होता है।
2-    अकादमी और उसकी विभिन्न प्राधिकृतियों की नीतियों के अधीन अकादमी के कार्यक्रमों, प्रवृत्तियों और योजनाओं  को संचालित और क्रियान्वित करना है।
3-    कर्मचारियों के कार्य निर्धारित करना, उन पर प्रशासनिक नियंत्रण रचना और उन्हें मार्गदर्शन देना है।
4-    प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकारों का उपयोग करना जो संचालिका द्वारा समय समय पर दिए जाते हैं।
5-    अकादमी कार्यालय की सम्पूर्ण व्यवस्था, देखरेख एवं नियंत्रण तथा दैनन्दिन कार्यों को सुचारू रूप से संपादित करने/करवाने के लिए उत्तरदायी है।
12 -  अकादमी की प्राधिकृतियाँ :
सरस्वती सभा
संचालिका
वित्त समिति
सरस्वती सभा या संचालिका द्वारा किसी विशिष्ट या सामान्य कृत्य करने के लिए समय समय पर गठित स्थायी समितियाँ या तदर्थ समितियाँ।
13 -  सरस्वती सभा -
(क) अकादमी की एक सरस्वती सभा होती है, जिसमें निम्नलिखित सदस्य होते हैं -
1 -   अनुच्छेद 7 में वर्णित अधिकारी जो इसके पदेन प्राधिकारी होते हैं।
2 -   सरकार द्वारा नाम निर्दिष्ट 5 व्यक्ति जो निम्नानुसार है -
(क)   सचिव, कला, संस्कृति  या उनके द्वारा नियुक्त प्रतिनिधि।
(ख)   वित्त समिति या उनके द्वारा नियुक्त प्रतिनिधि।
(ग)   निदेशक, प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा, बीकानेर या उनके द्वारा नियुक्त प्रतिनिधि
(घ)   दो विशिष्ट साहित्यकार।
3 -   अकादमी के संबद्ध हिन्दी संस्थाओं के 3 प्रतिनिधि जो उपर्युक्त खंड के 1 व 2 में वर्णित व्यक्तियों द्वारा संस्थाओं से आये पेनल में से चुने जाते हैं।
4 -   अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, सचिव तथा राज्य सरकार द्वारा मनोनीत व्यक्तियों द्वारा चुने गये राजस्थान के विशिष्ट 15 साहित्यकार।
5-    अकादमी का निवृतमान अध्यक्ष निवृत होने पर अगली एक कालावधि के लिए सदस्य होता है।
(ख)   कार्यकाल -
1 -   सरस्वती सभा का कार्यकाल तीन वर्ष , सरस्वती सभा सदस्यों का कार्यकाल भी वही होता है जो उस सरस्वती सभा का है जिसके लिए वे चुने गये हैं। यह अवधि सरस्वती सभा के लिए राज्य सरकार द्वारा राजकीय सदस्यों के नाम निर्देशन के आदेश की तिथि के प्रारंभ होती है।
2 -   कोई भी व्यक्ति लगातार दो कालावधियों से अधिक सरस्वती सभा या उसकी प्राधिकृतियों का सदस्य नह होता है।
3 -   कोई भी व्यक्ति अकादमी से किसी भी प्रकार का व्यावसायिक वित्तीय लाभ प्राप्त करने की स्थिति में सरस्वती सभा या अकादमी की  प्राधिकृति का सदस्य नहीं रह सकता है।
4 -   किसी कारण से सरकार द्वारा मनोनीत सदस्य के स्थान रिक्त हो जाने पर सरकार द्वारा तथा अन्य स्थितियों में सरस्वती सभा द्वारा शेष अवधि के लिए उस स्थान की पूर्ति की जाती है।
5 -   राज्य सरकार द्वारा मनोनीत व्यक्तियों में परिवर्तन या उनका मनोनयन निरस्त कर सकती है अथवा पुनः मनोनीत कर सकती है।
14 -  सरस्वती सभा के कृत्य व शक्तियाँ -     
1-    अनुच्छेद सं. 16 के अन्तर्गत संचालिका के 5 सदस्यों का चुनाव करती है।
2-    संचालिका द्वारा तैयार किये गए अकादमी के वार्षिक बजट पर विचार और यथोचित स्वीकृति देती है।
3-    लेखा संपरीक्षक(चार्टर्ड एकाउंटेंट) नियुक्त करती है।
4-    संचालिका, वित्त समिति व अन्य समितियों के लिए आवश्यकतानुसार कार्यविधि नियम विहित करती है।
5-    संचालिका की संस्तुति पर लब्धप्रतिष्ठ लेखकों, समीक्षकों, साहित्येतिहास लेखकों तथा साहित्य सेवियों का ’साहित्य मनीषी‘ के रूप में चयन/अनुमोदन करना/यह चयन/अनुमोदन उपस्थित सदस्यों के 3/4 के बहुमत से किया जाता है। सरस्वती सभा अपनी कालावधि में एक महानुभाव को ही इस उपाधि से समाद्दत कर सकती है।
6-    साहित्य की उपयुक्त सेवा करने वाले हिन्दी संगठनों और हिन्दी संस्थाओं को संचालिका की सिफारिश पर एतदर्थ बनाये गये मापदंडों के अनुसार संबद्धता प्रदान करती है।
7-    नियम, विनियम उपविधि और व्यवहार नियम स्वीकृत करना और कोषाध्यक्ष की नियुक्ति और उपाध्यक्ष का चुनाव कराती है।
8-    ऐसे अन्य समस्त कार्य करना जो संगठन को सुचारूता और अकादमी के कृत्यों के समुचित पालन के लिए आवश्यक हों
15 -  सरस्वती सभा की बैठक -
1-    सरस्वती सभा की बैठक वर्ष में कम से कम एक बार होती है। परन्तुत सरस्वती सभा की आवश्यक बैठक अध्यक्ष द्वारा स्वप्रेरणा से भी बुलाई जा सकती है।
2-    सरस्वती सभा के सदस्यों कुल संख्या के 2/3 सदस्यों के आवेदन पर भी ऐसी बैठक बुलानी आवश्यक होती है। ऐसी बैठक में उन्हीं विषयों पर चर्चा हती है जिसके लिए बैठक बुलाने की मांग की गई है।
16 -  संचालिका का गठन -
1-    अनुच्छेद सं. 07 में वर्णित पदाधिकारी - पदेन
2-राज्य सरकार द्वारा नाम निर्दिष्ट 3 व्यक्ति जो अनुच्छेद सं. 13 (क) (2) के अधीन सरकार द्वारा नाम निर्दिष्ट पाँच व्यक्तियों में से होते हैं।
3-सरस्वती सभा के सदस्यों में से चुने गये पाँच व्यक्ति।
17-   संचालिका की शक्तियाँ और कृत्य -
सरस्वती सभा के प्रति उत्तरदायी रहते हुए अकादमी के समस्त कार्यों का संचालन ।
अकादमी के कार्यालय के कार्यो का पर्यवेक्षण तथा नियंत्रण।
सरस्वती सभा में प्रस्तुत किए जाने हेतु अकादमी का वार्षिक बजट तथा वार्षिक कार्यक्रम की स्वीकृति।
अनुच्छेद सं. 12 के अन्तर्गत आवश्यकतानुसार समितियों का गठन।
सरस्वती सभा के विचारार्थ संविधान संशोधन प्रस्ताव या अन्य आवश्यक प्रस्ताव तैयार करनां।
अकादमी के प्रयोजनानों की पूर्ति हेतु नियम और विनियम सरस्वती सभा की स्वीकृति के लिए तैयार करना।
साहित्यिक संस्थाओं को स्थायी अथवा अस्थायी मान्यता प्रदान करना।
समितियों की संस्तुतियों पर विचार करना तथा आवश्यक स्वीकृतियाँ देना।
राष्ट्रीय या अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलनों या संगठनों में या अन्य किसी प्रकार के कार्य के लिए अकादमी की ओर से प्रतिनिधित्व करने के लिए व्यक्ति या व्यक्तियों को नाम निर्दिष्ट करना।
विशिष्ट साहित्यकार का चयन करना ।
18 - वित्त समिति -
अकादमी के अध्यक्ष वित्त समिति के सभापति होते है।
कोषाध्यक्ष वित्त समिति के सचित होते है।
राज्य सरकार द्वारा मनोनीत एक सदस्य।
संचालिका द्वारा नाम निर्दिष्ट एक सदस्य।
अकादमी के सचिव वित्त समिति के पदेन सदस्य ।
सरस्वती सभा द्वारा मनोनीत दो प्रतिनिधि।

 

19 -  वित्त समिति के कार्य  -
वित्त समिति अकादमी के वार्षिक बजट अनुमान तैयार करती है और संचालिका के विचारार्थ रखती है। वित्त समिति वित्तीय प्रकरणों पर अपनी संस्तुतियाँ दे सकती है। वित्त समिति विभिन्न सहयोगों तथा सहायताओं पर अपी संस्तुतियॉ करती है।

20 -  गणपूर्ति(कोरम) -

1.    अकादमी की सरस्वती सभा, संचालिका या समितियों की गणपूर्ति(कोरम) कुल सदस्य संख्या की 1/3 होती है।
स्थगित बैठक दूसरे दिन उसी स्थान, समय तथा एजेन्डा पर होती है जिसमें गणपूर्ति की आवश्यकता नहीं होती है।

21 -  अकादमी की निधियाँ -

अकादमी में एक निधि(कोष) स्थापित है जिसका नाम ’राजस्थान साहित्य अकादमी निधि‘ है, इसके आय के स्त्रोत निम्नलिखित है -
(क)   1.    सरकार से प्राप्त अनुदान।
ऋण के रूप में प्राप्त समस्त धन राशियाँ।
पुस्तक बिक्री, पत्रिका शुल्क, चंदा, अंशदान, उपहार, विज्ञापन, ब्याज, जुर्माना आदि किसी भी स्त्रोत से प्राप्त समस्त राशियाँ।
(ख)   अकादमी की सरस्वती सभा प्रस्ताव पारित कर अकादमी के अन्तर्गत अन्य कोई कोष स्थापित कर  तथा उसके प्रक्रिया व कार्य संचालन के निमित्त नियम निर्धारित करती है।
(ग)   अकादमी समस्त निधि किसी अनुसूचित बैंक में  और उसका प्रवर्तन संचालिका द्वारा निर्धारित वित्तीय सीमा के अधीन रहते हुए सामान्यतया कोषाध्यक्ष और सचिव द्वारा किया जाता है।

22 -  राज्य सरकार द्वारा अकादमी सं. की अपेक्षा -

राज्य सरकार संविधान में उल्लेखित किसी साहित्यिक कार्य को किए जाने के संबंध में अकादमी से अपेक्षा कर सकती है और अकादमी ऐसे निदेश पर उक्त कार्य को निष्पादन के लिए आबद्ध है।

23 -  अकादमी का अतिष्ठन -

(क)   यदि  किसी भी समय राज्य सरकार का उन कारणें से जो लेखबद्ध किए जाऐंगे। समाधान हो जाए कि अकादमी कार्य करने में अक्षम है या इस संविधान द्वारा या उसके अधीन आरोपित कर्त्तव्यों के पालन करने में बार बार चूक करती हे या उसमें उसके अधीन दी गई शक्तियों का दुरूपयोग किया है तो राज्य सरकार उसे कम से कम एक मास का कारण बताओ नोटिस देने के पश्चात् और अकादमी से यदि कोई उत्तर प्राप्त हो तो उस पर विचार करने के पश्चात् ऐसी अवधि के लिए जो एक वर्ष से अधिक नहीं होगी, राजपत्र म अधिसूचना  जारी कर अकादमी का अतिष्ठन कर सकती है और अकादमी के कृत्यों के क्रियान्वयन तथा अनुपालन के लिए  प्रशासक नियुक्त कर सकती है।
(ख)   विशिष्ट परिस्थितियों में राज्य सरकार बिना उपरोक्त प्रक्रिया अपनाए ही अकादमी का अतिष्ठन कर सकती है।
(ग)   ऐसे अतिष्ठन पर अकादमी अपने समस्त अधिकारी प्राधिकृतियों और समितियों सहित विघटित हो जाएगी तथा अधिसूचना के दिनांक से उनके पद स्तः रिक्त हो जाते है।

24 -  पुनर्विलोकन -
सरस्वती सभा या संचालिका अपने किसी भी विनिश्चय का, यदि वह उसे अकादमी की नीति व सिद्धांतों के प्रतिकूल मानती है और व्यापक हित में उसके पुनर्विलोकन एवंपुनरीक्षण की आवश्यकता समझती है तो एसेा वह कर सकती है।
25 -  सेवा नियम -
अकादमी संचालिका अपने कर्मचारियों और अधिकारियों की सेवा संबंधी शर्तों को विहित करते हुए तत्संबंधी सेवा नियम, विनियम बनायेगी जो राज्य सरकार से अनुमोदित होंगे।
26 -  संविधान का संशोधन -
सरस्वती सभा संविधान संशोधन हेतु अपने कुल संख्या के 2/3 सदस्यों के बहुमत से संकल्प द्वारा इस संविधान में प्रस्तावित संशोधन में प्रस्तावित संशोधन करने का निर्णय कर राज्य सरकार के पास अनुमोदनार्थ भेजती है। राज्य सरकार के अनुमोदनोपरांत उक्त संशोधन प्रभावी होते है।
27-   अकादमी में राजकीय सेवा नियम और सामान्य वित्तीय एवं लेखा नियम लागू है। जिसके अन्तर्गत अकादमी कार्यालय के अधिकारियों/कर्मचारियों को वेतन एवं अन्य परिलाभ दिये जाते है।
28 -  अकादमी को राज्य सरकार द्वारा आयोजना एवं आयोजना-मद के अन्तर्गत  100 प्रतिशत अनुदान प्राप्त होता है। आयोजना मद से अकादमी की विभिन्न प्रवृत्तियों - समारोह, सहयोग आदि पर व्यय किया जाता है एवं आयोजन भिन्न से अकादमी में कार्यरत अधिकारियों/कर्मचारियों के वेतन आदि पर व्यय किया जाता है।
29 -  अकादमी कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग, राजस्थान सरकार के अन्तर्गत कार्य करती है।
30 -  अकादमी में सूचना के अधिकार के अन्तर्गत कोई भी लोक सूचना अधिकारी और अपिलेट अधिकारी नियुक्त नहीं है।
31 -  राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत पदों का विवरण अग्रांकित हैं -

 
राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत पद का विवरण
 
क्र.सं. पद  स्वीकृत पद संख्या पद की स्थिति नाम  पे-बैंड ग्रेड पे
1 सचिव 1 रिक्त - 15600-39100 5400/-
2 उप सचिव 1 1 डॉ. प्रमोद भट्ट 15600-39100 5400/-
3 प्रकाशन अधिकारी 1 रिक्त - 9300-34800 4800/-
4 लेखाकार 1 रिक्त - 9300-34800 3200/-
5 पुस्तकालयाध्यक्ष 1 1 श्री दुर्गेश नंदवाना  9300-34800 4800/-
6 शीघ्रलिपिक 1 1 श्री जयप्रकाश भटनागर  9300-34800 3200/-
7 वरिष्ठ लिपिक 3 3 श्री विष्णु पालीवाल  9300-34800 3200/-
श्री रमेश कोठारी  5200-20200 2800/-
श्री रामदयाल मेहर  5200-20200 2400/-
8 कनिष्ठ लिपिक 3 3 श्री दिनेश अरोडा  5200-20200 2400/-
श्री प्रकाश नेभनानी  5200-20200 2400/-
श्री राजेश मेहता  5200-20200 2000/-
9 वाहन चालक 1 1 श्री माधुलाल गाडरी  5200-20200 2800/-
10 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी 4 2 श्री नरेन्द्र सिंह राजपूत 5200-20200 2400/-
वर्तमान में पुरातत्व विभाग, जयपुर में कार्यरत 
श्री बद्रीलाल मेनारिया  4750-7440 1650/-
श्री प्रकाश चन्द्र सविदा पर  
श्री विलफ्रेड विलसन सविदा पर  
   योग - 17 14      
 
32 अकादमी के आवश्यक दूरभाष नंबर अग्रांकित हैं -
 
क्र.सं. पद नाम मोबाइल/फोन
1 अध्यक्ष श्री वेद व्यास, सेक्टर 04, हिरण मगरी, उदयपुर (राज.) 313002 0294-2466371 / 9414054400
2 सचिव डॉ. प्रमोद भट्ट   0294-2461717 (फोन एवं फैक्स)
3 कार्यालय राजस्थान साहित्य अकादमी, 0294-2461717 (फोन एवं फैक्स)